चीन ने ईरानी जहाज से संबंधों से किया इनकार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 21-04-2026
China Denies Ties to Iranian Ship
China Denies Ties to Iranian Ship

 

बीजिंग

चीन ने मंगलवार को उस आरोप से साफ इनकार किया है जिसमें कहा गया था कि अमेरिका द्वारा फारस की खाड़ी में जब्त किए गए एक ईरानी मालवाहक जहाज का संबंध चीन से है। इस जहाज पर मिसाइल निर्माण में उपयोग होने वाले रासायनिक पदार्थों के परिवहन का आरोप लगाया गया था।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार यह एक विदेशी ध्वज वाला कंटेनर जहाज था। उन्होंने कहा कि चीन इस प्रकार के आरोपों को बेबुनियाद मानता है और इससे जोड़कर की जा रही किसी भी तरह की चर्चा का विरोध करता है।

यह प्रतिक्रिया अमेरिका की पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत निक्की हेली के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है। हेली ने दावा किया था कि यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और इसमें मिसाइल निर्माण से जुड़े रासायनिक पदार्थ मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि जहाज ने रुकने के आदेशों का पालन नहीं किया, जिससे चीन की भूमिका पर सवाल उठते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने उस जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की, क्योंकि उसने आदेशों का पालन नहीं किया था। इसके बाद अमेरिकी मरीन सैनिकों ने जहाज पर चढ़कर उसे जब्त कर लिया।

इस घटना के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देगा। ईरानी सेना ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में “समुद्री डकैती” जैसी कार्रवाई की है।

ईरान के अनुसार, अमेरिकी बलों ने जहाज के नेविगेशन उपकरण नष्ट कर दिए और उस पर सैनिकों की तैनाती की, जो एक आक्रामक कदम है। इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने को लेकर भी अनिश्चितता जताई है।

इससे पहले चीन ने भी कहा था कि वह ईरान को किसी प्रकार की सैन्य सहायता या उपग्रह समर्थन देने में शामिल नहीं है। अमेरिका की ओर से चीन पर ईरान को हथियार देने के आरोपों के जवाब में बीजिंग ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि वह सैन्य उत्पादों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण रखता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी थी कि यदि चीन ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता है तो उस पर भारी टैरिफ लगाए जाएंगे। इसके जवाब में चीन ने कहा कि यदि उस पर आधारहीन आरोपों के आधार पर शुल्क लगाए गए तो वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा।

चीन और ईरान के बीच ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में घनिष्ठ संबंध हैं, और चीन ईरानी तेल का एक प्रमुख खरीदार माना जाता है। इसी बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन ईरान को वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को भी खारिज कर दिया है।