‘स्टेरॉयड ओलंपिक’ शुरू, खिलाड़ियों और आम लोगों के स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-05-2026
threatening the health of athletes and the public
threatening the health of athletes and the public

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
तथाकथित ‘स्टेरॉयड ओलंपिक’ कहे जाने वाले ‘एन्हांस्ड गेम्स’ की शुरुआत लास वेगास में हो गई है और इसे दवाओं के जरिए प्रदर्शन अच्छा करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले एक अनोखे आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने इस आयोजन की आलोचना करते हुए इसे ‘‘ईमानदारी से खेलने की अवधारणा को नष्ट करने वाला’’ और ‘‘मूर्खतापूर्ण’’ बताया है।
 
इसके बावजूद यह खेल कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को आकर्षित कर रहे हैं।
 
हमारे हालिया अध्ययन में आयोजकों के कई दावों का विश्लेषण किया गया, जिनमें यह शामिल है कि : -
 
(1) डोपिंग खेलों की अनिवार्य प्रगति है,
 
(2) खिलाड़ियों को अपने शरीर के संबंध में निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए,
 
(3) कई खिलाड़ी पहले से ही प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं (पीईडी) का इस्तेमाल करते हैं,
 
(4) बढ़ती उम्र एक ‘‘बीमारी’’ है, जिसे पीईडी के जरिए दूर किया जा सकता है।
 
एन्हांस्ड गेम्स में 42 खिलाड़ी तैराकी, स्प्रिंट, वेटलिफ्टिंग और स्ट्रॉन्गमैन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। विश्व रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ियों को 10 लाख अमेरिकी डॉलर तक की इनामी राशि मिल सकती है। ये रिकॉर्ड पहले उन खिलाड़ियों द्वारा बनाए गए थे, जिन्होंने डोपिंग जांच के तहत प्रतिस्पर्धा की थी।
 
प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व 100 मीटर फ्रीस्टाइल विश्व चैंपियन जेम्स मैग्नसन, अमेरिका के 2022 विश्व 100 मीटर स्प्रिंट चैंपियन फ्रेड कर्ली और पेरिस ओलंपिक में 50 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत पदक जीतने वाले ब्रिटेन के बेन प्राउड शामिल हैं।
 
मुख्यधारा के खेलों से अलग, एन्हांस्ड गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ी अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से स्वीकृत, प्रदर्शन को बेहतर करने वाले पदार्थों का इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चिकित्सकीय निगरानी में टेस्टोस्टेरोन, ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन और एरिथ्रोपोइटिन (ईपीओ) जैसी दवाओं के उपयोग की अनुमति है। इसके साथ प्रतियोगिता से पहले स्वास्थ्य जांच और प्रोफाइलिंग भी की जाएगी।