नई दिल्ली।
भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर रिकॉर्ड तीसरी बार T20 विश्व कप जीतने का इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टीम निर्माण पर अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य खिलाड़ियों को सुपरस्टार बनाना नहीं, बल्कि एक सुपर टीम तैयार करना है।
गंभीर ने ANI से बातचीत में कहा, “मीडिया सुपरस्टार्स बनाना चाहता है, लेकिन मेरा काम एक सुपर टीम बनाना है। मुझे खिलाड़ियों के सोशल मीडिया फॉलोवर्स, TRP या फैन फॉलोइंग की परवाह नहीं है। मैं केवल यह देखता हूँ कि खिलाड़ी टीम और देश के लिए क्या योगदान देते हैं। मेरे लिए वही मायने रखता है।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि टीम के 15 खिलाड़ी उनके लिए समान हैं और उन्हें निष्पक्ष और समान रूप से सम्मानित करना उनका कर्तव्य है। “मैं किसी के रन या सोशल मीडिया फॉलोइंग की संख्या नहीं देखता। मैं केवल यह देखता हूँ कि खिलाड़ी टीम और देश के लिए क्या देते हैं। यही मेरा पेशेवर दृष्टिकोण है और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाता हूँ।”
गंभीर के नेतृत्व में भारतीय टीम में सुपरस्टार संस्कृति से हटकर टीम-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया गया है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वहीं रोहित, विराट (अब केवल ODI में), ऋषभ पंत, केएल राहुल, शुबमन गिल, हार्दिक पंड्या और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर अपनी फिटनेस और फॉर्म बनाए रख रहे हैं।
गंभीर की रणनीति ने टीम में सामूहिक जिम्मेदारी और समर्पण की भावना को बढ़ाया है। उनका मानना है कि सुपर टीम बनाना ही सफलता की कुंजी है और यह दृष्टिकोण भारतीय क्रिकेट को भविष्य में लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बनाए रखेगा।
इस जीत के साथ भारत ने न केवल T20 विश्व कप का डिफेंड किया बल्कि घर में जीतने वाली पहली टीम बनकर इतिहास रच दिया। गौतम गंभीर की टीम-केंद्रित नीति और युवा खिलाड़ियों की मेहनत ने भारतीय क्रिकेट में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।