नई दिल्ली:
फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर 2-0 की शानदार जीत दर्ज करने के बावजूद मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर अगुइरे अपनी टीम के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि दूसरे गोल के बाद टीम जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी हो गई, जिससे मैच में कई मौके गंवाने पड़े। उन्होंने कहा कि यदि टीम बेहतर फिनिशिंग करती तो यह मुकाबला आसानी से 4-0 से जीता जा सकता था।
मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज़्टेका स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में सह-मेजबान मेक्सिको ने फीफा विश्व कप के उद्घाटन मैचों में लगातार सात मुकाबलों से चली आ रही जीत के सूखे को समाप्त किया। टीम की ओर से जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज ने एक-एक गोल कर जीत सुनिश्चित की।
यह मुकाबला काफी आक्रामक और शारीरिक टकराव से भरपूर रहा। मैच के दौरान कुल तीन रेड कार्ड दिखाए गए, जो किसी विश्व कप ओपनर में बेहद दुर्लभ घटना मानी जा रही है। दक्षिण अफ्रीका के स्पेफेलो सिथोले और थेम्बा ज्वाने को रेड कार्ड मिलने के बाद टीम नौ खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई, जिसका फायदा मेक्सिको ने उठाया।
मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में कोच जेवियर अगुइरे ने कहा कि उनकी टीम ने शुरुआत में कुछ घबराहट दिखाई, लेकिन जीत के साथ अब वह दबाव पीछे छूट गया है। उन्होंने कहा, "यह मुकाबला 4-0 से खत्म हो सकता था। विश्व कप का पहला मैच हमेशा दबाव वाला होता है, लेकिन हमने तीन अंक हासिल किए और अब हमारा पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर है।"
हालांकि उन्होंने अपनी टीम की कमियों की ओर भी इशारा किया। अगुइरे ने कहा कि पहले हाफ में टीम अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। उनके अनुसार, मेक्सिको खेल पर पूरी तरह हावी था, लेकिन स्कोरलाइन उस दबदबे को नहीं दिखा सकी।
उन्होंने कहा, "दूसरे गोल के बाद हमारी टीम कुछ ज्यादा ही ओवरकॉन्फिडेंट हो गई। इसके बाद विरोधी टीम के खिलाड़ियों को रेड कार्ड मिले, लेकिन हमें उस स्थिति का और बेहतर फायदा उठाना चाहिए था। हमें अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, खासकर गोल करने के मौकों को भुनाने में।"
वहीं, मेक्सिको के मिडफील्डर एरिक लीरा ने इस जीत को भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बताया। पहले गोल में असिस्ट देने वाले लीरा ने कहा कि विश्व कप जैसे मंच पर खेलने का अवसर जीवन में बार-बार नहीं मिलता और इसलिए यह मुकाबला मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था।
उन्होंने कहा, "हम सभी ने मानसिक रूप से खुद को मजबूत रखने की तैयारी की थी ताकि दबाव हमारे खेल पर असर न डाले। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि हमने तीन अंक हासिल किए। अब हमारा लक्ष्य अगले मैच के लिए पूरी तरह फिट रहना और फिर से जीत दर्ज करना है।"
लीरा ने टीम के आत्मविश्वास को दर्शाते हुए कहा, "हमारी महत्वाकांक्षाओं की कोई सीमा नहीं है। हम किसी छोटी उपलब्धि से संतुष्ट नहीं होने वाले।"
अब मेक्सिको की अगली परीक्षा 19 जून को दक्षिण कोरिया के खिलाफ होगी, जहां टीम लगातार दूसरी जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाने की कोशिश करेगी।