Jagan expresses regret for supporting CEC appointment process; TDP and BJP hit back
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के चयन के लिए 2023 में लाए गए कानून का समर्थन करने को लेकर वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के खेद जताने पर तेदेपा और भाजपा ने सोमवार को पलटवार किया।
आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने जहां ‘राजनीतिक सुविधा’ का विकल्प अपनाने को लेकर रेड्डी की आलोचना की, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके रुख में आए अचानक बदलाव पर सवाल उठाए।
रेड्डी ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘‘हम उस प्रक्रिया का समर्थन करने पर खेद व्यक्त करते हैं, जिसके तहत केंद्र में सत्ताधारी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को नामित करता है... न तो सीईसी और न ही राज्य निर्वाचन आुयक्त (एसईसी) की नियुक्ति सत्ताधारी दल द्वारा की जानी चाहिए।’’
चयन प्रक्रिया की तुलना एक परीक्षा से करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षक को छात्र द्वारा नियुक्त नहीं किया जा सकता।’’
उन्होंने कहा कि अगर नियुक्ति किसी निष्पक्ष संस्था द्वारा नहीं की जाती है, तो एक ईमानदार निर्वाचन आयुक्त को भी आलोचना का सामना करना पड़ेगा।