परीक्षा के कारण भारत से इतर मैचों के लिए स्टेडियम भरने में डीडीसीए को हो रही परेशानी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-02-2026
DDCA facing difficulty in filling stadiums for matches outside India due to exams
DDCA facing difficulty in filling stadiums for matches outside India due to exams

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अधिकारियों के लिए अगले नौ दिनों में दोगुनी चुनौती है क्योंकि फिरोज शाह कोटला मैदान पर आईसीसी टी20 विश्व कप के पांच मैच होने हैं, जिनकी शुरुआत मंगलवार को नीदरलैंड और नामीबिया के बीच मैच से होगी।
 
पहली चुनौती 12 फरवरी को भारत और नामीबिया के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच है। इसके लिए सभी टिकट पहले ही बिक चुके हैं और मुफ्त पास की मांग भी उम्मीद से अधिक है।
 
दूसरी चुनौती थोड़ी अलग है। डीडीसीए को कहा गया था कि वे स्कूलों से संपर्क करें ताकि भारत से इतर मैचों को बच्चे फ्री में देख सकें। इसके लिए उन्हें हालांकि स्कूल यूनिफॉर्म में होना होगा और अध्यापकों के साथ आना होगा।
 
सीबीएसई (10वीं और 12वीं) और स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं के कारण ज्यादातर स्कूलों ने अपने छात्रों को भेजने से इंकार कर दिया है।
 
डीडीसीए के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा,‘‘ हमने कई स्कूलों से संपर्क किया, लेकिन सीबीएसई और वार्षिक परीक्षाओं के चलते संस्थान अपने छात्रों को गैर-भारत मैच देखने नहीं भेज रहे हैं । असल में, भारत मैच के अलावा कोई टिकट की मांग नहीं है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘ वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल का मैच था जिसमें लगभग 17,000 नेपाल के प्रशंसक आये थे लेकिन भारत के मैच के अलावा अन्य मुकाबलों के लिए कोटला मैदान आधे से भी कम भरा रहेगा।’’
 
उन्होंने कहा कि मुफ्त में टिकट मिलने के बावजूद बच्चे और कॉलेज के छात्र भी भारत के अलावा किसी मैच के लिए नहीं आयेंगे।
 
उन्होंने कहा, ‘‘खाली स्टेडियम टीवी पर देखने में अच्छा नहीं लगता है। इसलिए स्कूल के बच्चों को लाना अच्छा विचार है। लेकिन मैच मंगलवार (10 फरवरी), बृहस्पतिवार (भारत, 12 फरवरी), शुक्रवार (13 फरवरी, यूएई बनाम कनाडा), सोमवार (16 फरवरी, अफगानिस्तान बनाम यूएई), और बुधवार (18 फरवरी, दक्षिण अफ्रीका बनाम यूएई) हैं।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत का मैच छोड़ दें, तो बाकी सभी मैच सप्ताह के बीच में हैं और समय भी 11 बजे (तीन मैच) और तीन बजे (एक मैच) है। आप उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि युवा आएं? लोग गैर-भारत मैचों के लिए टिकट भी नहीं चाहते।’’