एशियन गेम्स में शामिल होने से पैडल खेल को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, महेश भूपति बोले- यह ऐतिहासिक मोड़

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-07-2026
Asian Games inclusion set to propel padel's growth across Asia: Mahesh Bhupathi
Asian Games inclusion set to propel padel's growth across Asia: Mahesh Bhupathi

 

मुंबई
 
दुनिया के सबसे तेजी से उभरते खेलों में शामिल पैडल (Padel) को एशियन गेम्स में शामिल किए जाने के फैसले को खेल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे एशिया में इस खेल की लोकप्रियता, निवेश और खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
 
वर्ल्ड पैडल लीग (WPL) के सह-संस्थापक और पूर्व भारतीय टेनिस स्टार महेश भूपति ने कहा कि एशियन गेम्स में शामिल होना पैडल को एक उभरते खेल से मुख्यधारा के खेल में बदलने वाला कदम है।
 
भूपति ने कहा, "पदक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा अहम यह है कि किसी खेल को किस नजरिए से देखा जाता है। जब कोई खेल एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन का हिस्सा बनता है तो सरकारें उस पर ध्यान देती हैं, खेल महासंघ निवेश बढ़ाते हैं और अभिभावक भी इसे करियर के रूप में देखने लगते हैं।"
 
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड पैडल लीग का उद्देश्य दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को भारत लाकर इस खेल की पहचान बढ़ाना और इसके लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना रहा है। उनके अनुसार, एशियन गेम्स इस दिशा में एक और बड़ा कदम साबित होगा।
 
भूपति का मानना है कि इससे एशियाई देशों को पैडल के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करने, प्रतिभाओं को तैयार करने और घरेलू प्रतियोगिताओं को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
 
दुनिया के नंबर-10 खिलाड़ी कोकी निएटो ने कहा कि एशियन गेम्स के जरिए एशिया में लाखों लोग पहली बार पैडल से परिचित होंगे। उन्होंने कहा कि यह खेल तेजी से नए देशों तक पहुंच रहा है और एशिया में इसकी शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
 
वहीं, महिला वर्ग की विश्व नंबर-10 खिलाड़ी मार्टा ओर्टेगा ने कहा कि एशियन गेम्स में शामिल होने से पैडल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और भविष्य में इसे ओलंपिक खेलों में शामिल किए जाने की संभावना भी मजबूत होगी।
 
उन्होंने कहा, "जब लोग किसी बड़े बहु-खेल आयोजन में पैडल को देखेंगे तो उन्हें एहसास होगा कि यह तेजी से बढ़ता हुआ वैश्विक खेल है।"
 
महेश भूपति ने कहा कि अब सबसे बड़ी जरूरत मजबूत इकोसिस्टम बनाने की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस खेल को खेल सकें, प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकें।
 
उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में पैडल का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। एशिया जैसे उभरते बाजारों में भागीदारी बढ़ेगी, घरेलू ढांचा मजबूत होगा और प्रतिस्पर्धा का स्तर भी काफी ऊंचा होगा।
 
गौरतलब है कि वर्ल्ड पैडल लीग का चौथा सीजन 12 से 16 अगस्त तक मुंबई के डोम, एसवीपी स्टेडियम में आयोजित होगा। इसमें दुनिया के 36 शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह लीग भारत में पैडल के विकास और भविष्य की प्रतिभाओं को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रही है।