वंता (फिनलैंड)
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को आर्कटिक ओपन 2026 के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को महिला एकल के मुकाबले में थाईलैंड की पांचवीं विश्व वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रत्चानोक इंतानोन ने सिंधु को तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में 21-11, 19-21, 21-18 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार, छठी वरीयता प्राप्त सिंधु के खिलाफ शीर्ष वरीयता प्राप्त इंतानोन ने यह मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इंतानोन पूर्व विश्व चैंपियन भी हैं।इस हार के साथ सिंधु का इंतानोन के खिलाफ आमने-सामने के मुकाबलों में रिकॉर्ड और खराब हो गया। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक हुए 14 मुकाबलों में सिंधु को 10वीं हार का सामना करना पड़ा है। इंतानोन ने उनके खिलाफ लगातार छठा मुकाबला भी जीत लिया।
मुकाबले के पहले गेम में इंतानोन ने शानदार शुरुआत करते हुए 5-1 की बढ़त बना ली। सिंधु ने वापसी की कोशिश की और मध्यांतर तक स्कोर 8-11 कर दिया। हालांकि, मध्यांतर के बाद इंतानोन ने अगले 13 में से 10 अंक जीतकर पहला गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में सिंधु ने दमदार वापसी की। उन्होंने मध्यांतर तक बढ़त बनाए रखी और बाद में 17-14 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद इंतानोन ने लगातार पांच अंक जीतकर मुकाबले में वापसी की, लेकिन सिंधु ने भी हार नहीं मानी। भारतीय खिलाड़ी ने अगले चार अंक अपने नाम करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक समय स्कोर 17-17 से बराबर था। इसके बाद इंतानोन ने लगातार तीन अंक हासिल कर मैच प्वाइंट बनाया। उन्होंने दूसरे अवसर पर मैच प्वाइंट को भुनाते हुए 21-18 से गेम जीत लिया और मुकाबले पर कब्जा कर लिया।
आर्कटिक ओपन के पुरुष युगल क्वार्टर फाइनल में भारत के कृष्ण प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी को भी हार का सामना करना पड़ा।डेनमार्क के क्रिश्चियन फॉस्ट क्येर और रासमस क्येर की जोड़ी ने भारतीय खिलाड़ियों को सीधे गेमों में 21-13, 21-14 से हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
इन हारों के साथ बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अब अगले टूर्नामेंट डेनमार्क ओपन 2026 में हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता मंगलवार से शुरू होगी। सिंधु समेत भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश अगले टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी।