आर्कटिक ओपन: पीवी सिंधु क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, सीधे गेम में दर्ज की जीत

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-10-2026
Arctic Open: PV Sindhu reaches quarter-finals, wins in straight games.
Arctic Open: PV Sindhu reaches quarter-finals, wins in straight games.

 

वांटा (फिनलैंड)

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने आर्कटिक ओपन 2026 के महिला एकल क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। गुरुवार को फिनलैंड के वांटा में खेले गए मुकाबले में सिंधु ने जापान की रिको गुंजी को सीधे गेम में हराया।

टूर्नामेंट में छठी वरीयता प्राप्त सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 प्रतियोगिता के मुकाबले में गुंजी को 49 मिनट में 21-15, 21-15 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ उन्होंने अंतिम आठ में प्रवेश कर लिया।

ओलंपिक्स डॉट कॉम के मुताबिक, क्वार्टर फाइनल में सिंधु का सामना थाईलैंड की शीर्ष वरीयता प्राप्त और पूर्व विश्व चैंपियन रत्चानोक इंतानोन से होगा।

पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। स्कोर 15-15 से बराबर था, लेकिन इसके बाद सिंधु ने शानदार खेल दिखाते हुए लगातार छह अंक हासिल किए और गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में भी मुकाबला लगभग इसी तरह आगे बढ़ा। एक समय स्कोर 13-13 से बराबर था, लेकिन अहम मौके पर सिंधु ने अपनी गति और आक्रामकता बढ़ा दी। उन्होंने अगले 10 में से आठ अंक जीतकर मुकाबला सीधे गेम में समाप्त कर दिया।

श्रीकांत और प्रणय पहले दौर में बाहर

इस बीच, विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुके भारतीय खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत और एचएस प्रणय को पुरुष एकल स्पर्धा के पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा।

विश्व रैंकिंग में 31वें स्थान पर काबिज श्रीकांत ने कनाडा के ब्रायन यांग के खिलाफ पहला गेम जीत लिया, लेकिन इसके बाद वह अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सके। विश्व रैंकिंग में 34वें स्थान पर मौजूद यांग ने वापसी करते हुए श्रीकांत को 15-21, 21-15, 21-13 से हरा दिया।

वहीं, विश्व रैंकिंग में 38वें स्थान पर मौजूद एचएस प्रणय को चौथी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसेन ने मात दी। प्रणय पूरे मुकाबले में संघर्ष करते नजर आए और 21-10, 21-9 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

जहां सिंधु ने दमदार प्रदर्शन के साथ भारतीय चुनौती को आगे बढ़ाया, वहीं पुरुष एकल में श्रीकांत और प्रणय की हार से भारत को निराशा हाथ लगी।