इमाम उमेर इलियासी और मुफ्ती शहाबुद्दीन बरेलवी की मुसलमानों से अपील, जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन से दूर रहें

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 09-10-2026
Imam Umer Ilyasi and Mufti Shahabuddin Barelvi appeal to Muslims to stay away from the Jantar Mantar protest.
Imam Umer Ilyasi and Mufti Shahabuddin Barelvi appeal to Muslims to stay away from the Jantar Mantar protest.

 

नई दिल्ली

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी  और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने मुस्लिम समुदाय, विशेषकर मस्जिदों के इमामों से अपील की है कि वे 10 तारीख को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल न हों और किसी भी ऐसे धरने, प्रदर्शन या सभा से दूर रहें, जिससे देश में तनाव, अशांति अथवा सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो।

डॉ. इलियासी ने अपने संदेश में कहा कि मौजूदा परिस्थितियां बेहद संवेदनशील हैं और ऐसे समय में भावनाओं में बहकर कोई भी निर्णय लेना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें लोगों को गुमराह कर देश के अमन-चैन और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से राजनीतिक दलों के बहकावे में न आने और किसी के हाथों इस्तेमाल न होने की अपील की।
 
उन्होंने कहा, “मैं तमाम मुसलमानों और खास तौर पर मस्जिदों के इमामों से अपील और गुजारिश करता हूं कि आपको देश के मौजूदा हालात की जानकारी है। कुछ ताकतें लोगों को बरगलाकर देश के माहौल को खराब करना चाहती हैं। विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजनीतिक दलों की ओर से जो आह्वान किया गया है, उसे लेकर मुसलमानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। हम किसी के हाथों इस्तेमाल होने की चीज नहीं हैं।”
 
पिछले प्रदर्शनों का हवाला देते हुए युवाओं को किया आगाह

डॉ. इलियासी ने अपने संबोधन में पिछले विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व में भी उन्होंने लोगों से प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की थी। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी बात मानी, जबकि कुछ लोग प्रदर्शन में शामिल हुए और बाद में उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावित परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और जमानत की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो सकता है।
 
उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे केवल प्रदर्शन का नजारा देखने के उद्देश्य से भी वहां न जाएं, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में अनजाने में भी परेशानी हो सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को भी ऐसे प्रदर्शनों में न भेजने की गुजारिश की।
 
धारा 144 और कानूनी कार्रवाई को लेकर चेतावनी

डॉ. इलियासी ने अपने बयान में दिल्ली में धारा 144 लागू होने का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी होने पर लोगों को गंभीर कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदर्शन में शामिल होने से पहले उसके संभावित परिणामों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि इसका असर केवल संबंधित व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार पर भी पड़ सकता है।
 
उन्होंने मस्जिदों के इमामों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी मस्जिदों से समुदाय के लोगों को जागरूक करें और उन्हें शांति बनाए रखने तथा किसी भी तनावपूर्ण गतिविधि से दूर रहने की सलाह दें।
 
सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश साझा न करने की अपील

डॉ. इलियासी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी संदेश को आगे न भेजें, जिससे दंगा भड़कने, आपसी तनाव बढ़ने या देश की शांति और सद्भाव प्रभावित होने की आशंका हो।
 
उन्होंने मुस्लिम समुदाय को शांति और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक लाभ के लिए समुदाय के लोगों को गुमराह नहीं होने देना चाहिए।
 
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने खुदा का वास्ता देते हुए एक बार फिर सभी मुसलमानों से अपील की कि वे प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल न हों, अपने बच्चों को भी इससे दूर रखें और देश में अमन-चैन कायम रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
 
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने भी की अपील

इस बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने से मुस्लिम युवाओं को दूर रहने की सलाह दी है।
 
बरेली के इस्लामी धर्मगुरु ने अपने बयान में कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का कानूनी अधिकार है, लेकिन किसी भी प्रदर्शन के हिंसक होने पर हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
 
उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे कॉकroach जनता पार्टी द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित धरने में किसी भी परिस्थिति में शामिल न हों। उन्होंने अपने बयान में हाल के दिनों में पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं होने का उल्लेख किया और कहा कि पहले के प्रदर्शनों में शामिल कुछ मुसलमानों को बाद में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
 
मौलाना बरेलवी ने समुदाय के लोगों से संयम बरतने और किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहने का आग्रह किया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती हो।
 
दोनों धर्मगुरुओं का साझा संदेश

डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी और मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी की अपीलों का मुख्य संदेश शांति, सावधानी और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना है। दोनों धर्मगुरुओं ने मुस्लिम युवाओं से भावनाओं में बहकर निर्णय न लेने, राजनीतिक दलों के प्रभाव में आकर किसी तनावपूर्ण गतिविधि में शामिल न होने तथा सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचने की अपील की है।
 
उन्होंने समुदाय के अभिभावकों और मस्जिदों के इमामों से भी आग्रह किया कि वे युवाओं को जागरूक करें और देश में शांति, भाईचारे तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।