Women should have a greater role in policy-making and decision-making in the agri-food sector: President
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृषि एवं कृषि-खाद्य क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को नीति निर्माण, निर्णय-प्रक्रिया और नेतृत्व पदों पर अधिक भूमिका मिलनी चाहिए।
उन्होंने इस क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला में लैंगिक असमानता को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने तीन दिवसीय ‘महिलाएं एवं कृषि-खाद्य प्रणाली’ वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की सफलता की कहानियों को व्यापक रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि समाज उनके योगदान के बारे में अधिक जान पाए।
मुर्मू ने भारत द्वारा अपनाए गए महिला-नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की हर स्तर पर भागीदारी बढ़ाने से समावेशी कृषि वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रपति ने महिला किसानों को भूमि स्वामित्व, तकनीकी ज्ञान और संस्थागत वित्त तक पहुंच के लिए लक्षित सहायता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
तकनीक की भूमिका पर उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित पहल ‘सरलाबेन’ का उल्लेख किया, जो सरकार के पशुधन देखभाल दृष्टिकोण से प्रेरित है और महिला किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रही है।