नई दिल्ली
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-14 मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार को एक छात्रा ने मेट्रो ट्रैक पर कूदने का मामला सामने आया। पुलिस ने बताया कि छात्रा घायल हुई और उसे तुरंत इलाज के लिए इंदिरा गांधी अस्पताल, द्वारका के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, छात्रा ने बताया कि वह बोर्ड परीक्षाओं के कारण डिप्रेशन में थी और इसी मानसिक स्थिति के चलते उसने यह कदम उठाया। कूदने के दौरान उसे दोनों घुटनों में चोटें आई हैं, जिनका उपचार जारी है।
इसी दिन दिल्ली के उत्तर जिले के लाहोरी गेट क्षेत्र में एक 25 वर्षीय महिला का होटल के कमरे में मृत पाया जाना एक और गंभीर घटना रही। दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह घटना 11 और 12 मार्च की रात के बीच हुई। प्रिंस होटल, एसपीएम टी-पॉइंट, चर्च मिशन रोड के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया कि कमरा नंबर 205 बंद है और अंदर मौजूद महिला किसी के आने पर भी प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।
पुलिस टीम ने होटल कर्मचारियों के साथ मिलकर कमरे का दरवाजा जबरन खोला। अंदर प्रवेश करने पर महिला को बिस्तर पर आधी चादर में ढके हुए मृत पाया गया। बिस्तर पर खून के धब्बे भी थे।
इस घटना की सूचना क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) को दी गई। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान बिस्तर पर खून की बड़ी मात्रा और आसपास रखे कपड़ों पर भी रक्त के निशान पाए गए। क्राइम टीम और FSL ने मौके से सबूत एकत्र किए।
मृतक महिला की पहचान 25 वर्षीय दिल्ली की मौजपुर निवासी के रूप में हुई। उसके माता-पिता को सूचना दी गई और वे बाद में मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर हत्या की आशंका जताई गई है।
इन दोनों घटनाओं ने राजधानी में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं और शहरी तनाव के कारण युवा मानसिक दबाव में आ सकते हैं, जिससे समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को मानसिक दबाव में या संदिग्ध परिस्थितियों में कोई व्यक्ति दिखे तो तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। मृतक महिला के परिवार और घायल छात्रा के परिजनों को अस्पताल और पुलिस की सहायता प्रदान की जा रही है।