मुंबई में ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों’ को बाहर करेंगे, मराठी-हिंदू ही होगा मेयर: देवेंद्र फडणवीस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-01-2026
We will expel Bangladeshi infiltrators from Mumbai, and the mayor will be a Marathi-Hindu: Devendra Fadnavis
We will expel Bangladeshi infiltrators from Mumbai, and the mayor will be a Marathi-Hindu: Devendra Fadnavis

 

मुंबई,


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि भाजपा-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की सरकार मुंबई में मौजूद “बांग्लादेशी घुसपैठियों” की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजेगी और देश की आर्थिक राजधानी को एक मराठी और हिंदू मेयर मिलेगा। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि मुंबई को देश का सबसे पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के लिए 17,000 करोड़ रुपये का विशेष पर्यावरण बजट तैयार किया जाएगा, जिसकी विस्तृत योजना जल्द सामने आएगी।

फडणवीस शनिवार को भाजपा-शिवसेना गठबंधन की ओर से 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए आयोजित पहली रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये चुनाव मुंबई के भविष्य की दिशा तय करेंगे और शहर में रहने वाला हर व्यक्ति यहीं अपना घर पाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम मुंबई में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे और उन्हें वापस भेजेंगे, ताकि शहर और अधिक सुरक्षित बन सके। पिछले सात महीनों में कई बांग्लादेशियों को मुंबई से वापस भेजा गया है और जब तक सभी घुसपैठिए बाहर नहीं हो जाते, यह अभियान जारी रहेगा।”

मेयर पद को लेकर फडणवीस ने दो टूक कहा, “उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मैंने स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू ही होगा। कुछ लोगों ने बुर्का पहनने वाली महिला के मेयर बनने की बात कही, लेकिन जो खुद को मराठी अस्मिता का झंडाबरदार बताते हैं, उन्होंने इसका विरोध नहीं किया। हमारा रुख साफ है।”

यह विवाद तब और गहरा गया था जब मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी किसी “खान” को मुंबई का मेयर नहीं बनने देगी। इस बयान पर विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ एकजुट होने के बाद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी कहा था कि “मुंबई का मेयर मराठी होगा और हमारा होगा।”

फडणवीस ने कहा कि 15 जनवरी की मतदान तिथि उत्तरायण के शुभ काल में पड़ती है, जब दिन बड़े होने लगते हैं, और यह चुनाव मुंबई के लिए नए दौर की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी को छत्रपति संभाजी महाराज की राज्याभिषेक जयंती है और यह महायुति की जीत का प्रतीक बने।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन महायुति अव्यावहारिक घोषणाओं के बजाय ठोस काम पर विश्वास करती है। मुफ्त बिजली और संपत्ति कर माफी जैसे वादों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा-नेतृत्व वाला गठबंधन जो कहता है, उसे पूरा करता है।

फडणवीस ने इस आरोप को भी खारिज किया कि भाजपा मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना चाहती है। उन्होंने कहा, “मैंने लौटते वक्त जांचा—मुंबई महाराष्ट्र में ही है और हमेशा रहेगी। चुनाव नजदीक आते ही कुछ लोग संतुलन खो बैठते हैं।”

उन्होंने कहा कि बीएमसी के पास भारी फिक्स्ड डिपॉजिट होने के बावजूद पहले के प्रशासन की निष्क्रियता के कारण हजारों मिल मजदूरों को शहर छोड़ना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया, “अगर 70,000 करोड़ रुपये एफडी में पड़े हैं और मराठी लोगों को मजबूरी में मुंबई छोड़नी पड़ी, तो ऐसे धन का क्या लाभ?”

वर्ली में बीडीडी चॉल पुनर्विकास का उदाहरण देते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने 100 वर्ग फुट के घरों में रहने वाले मराठी परिवारों को बिना अतिरिक्त लागत 500 वर्ग फुट के घर दिए हैं, जिससे करीब 80,000 लोगों को लाभ मिला।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शहर के हर निवासी—चाहे वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाला ही क्यों न हो—को बेहतर गुणवत्ता का आवास दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई और एमएमआर में 450 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसमें से 150 किलोमीटर पहले ही चालू हो चुका है। हर साल 50 से 100 किलोमीटर मेट्रो लाइन जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि पूरे एमएमआर में एक सिरे से दूसरे सिरे तक अधिकतम 59 मिनट में यात्रा संभव हो सके।

फडणवीस ने कहा, “यही वह विकास मॉडल है, जो मुंबई और मुंबईकरों के लिए हम लेकर आए हैं।”