आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए सोमवार को मतदान जारी रहा और मतदान से पहले हिमाचल प्रदेश भेजे गए कांग्रेस विधायक लौट आए तथा कई अन्य प्रमुख विधायकों के साथ उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
यहां दो सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा नांदल का समर्थन कर रही है।
नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गए थे।
मतदान से पहले हिमाचल प्रदेश भेजे गए कांग्रेस के विधायक सुबह नौ बजे मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद चंडीगढ़ लौट आए।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी हरियाणा में राज्यसभा चुनावों के पर्यवेक्षक हैं और उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजने तथा उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के तरीके को देखकर उन्हें दुख हुआ।
संघवी ने कहा, ‘‘ खबरों के माध्यम से मुझे कांग्रेस विधायकों की जो स्थिति पता चल रही है, उसे देखकर एक जन प्रतिनिधि के रूप में मुझे बहुत दुख हो रहा है। खबरों को पढ़ने से पता चलता है कि कांग्रेस विधायकों को कमरों में जिस तरह से कैद किया गया है, वह उनके अपने विधायकों के प्रति अविश्वास को दर्शाता है।’’