देहरादून (उत्तराखंड)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आयुर्वेद दिवस के मौके पर अपने आवास पर भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की और राज्य के लोगों की सेहत, खुशी, समृद्धि और भलाई के लिए प्रार्थना की। धामी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आयुर्वेद स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और मान्यता मिल रही है। धामी हरिद्वार में पतंजलि वेलनेस योगग्राम में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। इससे पहले, मंगलवार को धामी नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव में शामिल हुए और देवी नंदा-सुनंदा के चरणों में पूजा-अर्चना की, साथ ही राज्य के लोगों की खुशी, शांति और समृद्धि की कामना की।
महोत्सव में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों का स्वागत करते हुए सीएम धामी ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव सिर्फ़ एक मेला नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि देवी नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपराएं, लोक गीत, झोरा-चांचरी, ढोल-दमाऊ और अन्य लोक कला रूप इस महोत्सव के ज़रिए जीवंत हो उठते हैं। एक विज्ञप्ति के अनुसार, धामी ने कहा, "जो समाज अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व करता है, वही आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी घाटियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, लेकिन यह सिर्फ़ पर्यटन स्थल नहीं है; यह आस्था और आध्यात्मिकता की भूमि भी है। उन्होंने नैना देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी और कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ मुक्तेश्वर का भी ज़िक्र किया, जहाँ भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं।