आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका की एक अदालत ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी की उस याचिका पर सुनवाई की अनुमति दे दी है, जिसमें अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के धोखाधड़ी मामले को खारिज करने की अपील की गई है।
अदाणी समूह के वकीलों की तरफ से दलील दी गई है कि यह मामला अमेरिकी क्षेत्राधिकार से बाहर है और उनके मुवक्किलों का इससे प्रत्यक्ष रूप से कोई लेना देना नहीं है।
न्यूयॉर्क की पूर्वी जिला अदालत ने अपने आदेश में कहा, "अदालत को प्रतिवादियों का पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने शिकायत को खारिज करने से पहले की बातचीत (प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस) करने का अनुरोध किया है। अदालत इस अनुरोध को मंजूरी देती है और दोनों पक्षों को बातचीत का समय तय करने के निर्देश देती है।"
अदाणी के वकीलों ने कहा कि कथित रिश्वत योजना को साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं है।
उन्होंने दलील दी कि जिन बयानों को आधार बनाकर यह मामला बनाया गया है, वे कानून की नजर में सजा देने या कार्रवाई करने योग्य नहीं हैं।
यह मामला नवंबर, 2024 में शुरू हुआ था। इसमें अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने भारत में सौर बिजली के ठेके लेने के लिए भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रिश्वत देने की कोशिश की। आरोप यह भी है कि जब उन्होंने इसके लिए पैसे जुटाते समय अमेरिकी निवेशकों और बैंकों को इस पूरी योजना की जानकारी नहीं दी।