अत्यावश्यक मामलों का केवल प्रधान न्यायाधीश की पीठ के समक्ष ही उल्लेख किया जा सकता है: न्यायालय

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-04-2026
Urgent matters can be mentioned only before a bench headed by the Chief Justice: Court
Urgent matters can be mentioned only before a bench headed by the Chief Justice: Court

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 उच्चतम न्यायालय ने प्रक्रिया से जुड़े एक अहम निर्देश में कहा है कि ‘‘अत्यंत आवश्यक मामले’’ जिनमें सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया जा सकता, उनका सिर्फ प्रधान न्यायाधीश के सामने उल्लेख किया जा सकता है, भले ही वह किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता करने में व्यस्त हों।
 
आम तौर पर, यदि प्रधान न्यायाधीश उपलब्ध नहीं हैं या किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता में व्यस्त हैं तो अत्यावश्यक सुनवाई वाले मामलों को सूचीबद्ध करने और सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश के समक्ष उल्लेख किया जाता है।
 
छह अप्रैल को जारी एक परिपत्र में उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘‘अत्यंत आवश्यक मामलों का उल्लेख, जिनमें 29 नवंबर, 2025 के परिपत्र के अनुसार माननीय अदालत के समक्ष सूचीबद्ध करने का इंतजार नहीं किया जा सकता, उनमें अदालत संख्या 1 के समक्ष उल्लेख करने की अनुमति है, भले ही प्रधान न्यायाधीश किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे हों।’’
 
परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे मामलों का उल्लेख किसी अन्य पीठ के सामने करने की इजाज़त नहीं है।