UP: PM मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 29-04-2026
UP: PM Modi inaugurates 594-km-long six-lane Ganga Expressway in Hardoi
UP: PM Modi inaugurates 594-km-long six-lane Ganga Expressway in Hardoi

 

हरदोई (उत्तर प्रदेश)
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस एक्सप्रेसवे को बनाने में कुल लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश BJP के अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद थे। PMO के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, छह-लेन (जिसे बढ़ाकर आठ लेन किया जा सकता है) वाला, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफ़ील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है। यह एक्सप्रेसवे 12 ज़िलों—मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूँ, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—से होकर गुज़रता है। इस तरह यह उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ता है।
 
इस प्रोजेक्ट से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग छह घंटे होने की उम्मीद है, जिससे आवागमन में आसानी होगी और परिवहन व्यवस्था ज़्यादा कुशल बनेगी। इस प्रोजेक्ट की एक अहम खासियत शाहजहाँपुर ज़िले में 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का प्रावधान है। यह दोहरे उपयोग वाला इंफ्रास्ट्रक्चर राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारियों को मज़बूत करता है और आर्थिक फ़ायदों के अलावा रणनीतिक महत्व भी जोड़ता है।
 
गंगा एक्सप्रेसवे को एक प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर के तौर पर देखा जा रहा है। इसके रास्ते में पड़ने वाले 12 ज़िलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर ज़मीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर विकसित किए जाएँगे। PMO की एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करेगा, सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार करेगा और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद किसानों को शहरी और निर्यात बाज़ारों तक सीधी पहुँच उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सकें और ग्रामीण आय में बढ़ोतरी हो सके। इस प्रोजेक्ट से पर्यटन को बढ़ावा मिलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
 
यह एक्सप्रेसवे राज्य में एक्सप्रेसवे के एक बड़े नेटवर्क की रीढ़ के तौर पर भी काम करेगा। इसके साथ कई लिंक कॉरिडोर या तो चालू हो चुके हैं या उनकी योजना बनाई जा रही है। इनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फ़र्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार शामिल हैं। एक्सप्रेसवे का यह उभरता हुआ जाल पूरे उत्तर प्रदेश में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक हाई-स्पीड सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास संभव हो सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज इससे पहले हरदोई में एक पौधा भी लगाया।