UP government's budget is a document of false figures and hollow claims: Ajay Rai
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये बुधवार को विधानमंडल में प्रस्तुत बजट को 'झूठे आंकड़ों' और 'खोखले दावों' का दस्तावेज करार देते हुए कहा कि सरकार द्वारा शुरू किये गये 'सरेंडर' के खेल की वजह से बजट को 30 प्रतिशत कम करके ही देखा जाना चाहिये।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने विधानमंडल में प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 'झूठे आंकड़ों' और 'खोखले दावों' के इस बजट में न युवाओं के लिए कुछ है, न महिलाओं के लिए, न पिछड़ों के लिए, न किसानों के लिए, न मजदूरों के लिए कुछ। सिर्फ और सिर्फ जनभावनाओं से खिलवाड़ किया गया है।
राय ने कहा, “राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ने साल दर साल 'बजट सरेंडर' का एक नया खेल शुरू किया है। हर अप्रैल माह में पिछले बजट का लगभग 30 प्रतिशत धन 'सरेंडर' कर दिया जाता है। इस लिहाज से जो भी बजट पेश होता है उसे 30 प्रतिशत कम करके ही देखा जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि पिछले बजट के नौ माह बीत चुके हैं लेकिन बड़ी संख्या में विभाग अब भी अपने आवंटित बजट का 40 प्रतिशत भी नहीं खर्च कर पायें हैं।
राय ने कहा कि प्रदेश के 60 जिलों के जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज का स्वरूप दे दिया गया, मगर सच यह है कि उनमें अब भी मूलभूत सुविधाएं तक मौजूद नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 37 पिछड़े जिले पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड में हैं, मगर बजट में इन जिलों के लिए किसी विशेष पैकेज का प्रावधान नहीं है।