उप्र : विभाजन के वक्त पाकिस्तान से आये परिवारों को मिलेगा 'भूमि स्वामित्व' का अधिकार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-04-2026
UP: Families who came from Pakistan at the time of Partition will get land ownership rights
UP: Families who came from Pakistan at the time of Partition will get land ownership rights

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने विभाजन के वक्त पाकिस्तान से विस्थापित होकर पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जिलों में आये 12 हजार 380 परिवारों को भूमि के स्वामित्व का अधिकार देने से सम्बन्धित प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
 
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस निर्णय की जानकारी दी।
 
उन्होंने बताया कि भारत—पाकिस्तान के विभाजन के समय विस्थापित होकर पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में विस्थापित होकर आए तथा संशोधित नागरिकता अधिनियम 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के लिए पात्र अथवा अनुसूचित जनजाति समुदाय अथवा उपनिवेशन योजना के तहत बसाए गए परिवारों को भूमि पर स्वामित्व के अधिकार प्रदान करने के संबंध में मंत्रिमंडल ने सहमति दे दी है।
 
वित्त मंत्री ने बताया कि लखीमपुर खीरी जिले में ऐसे परिवारों की कुल संख्या 2350, पीलीभीत में 4000, बिजनौर में 3856 और रामपुर में 2174 है।
 
खन्ना ने बताया कि इन परिवारों के जो लोग बंटवारे के समय शरणार्थी के रूप में इन चार जिलों में आए थे, उन्हें पिछले करीब 70 वर्षों से स्वामित्व के अभाव में खेती के लिए बैंक से कर्ज प्राप्त करने एवं सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेचने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
 
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने खासतौर से उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता द्वितीय संशोधन—2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 में परिवर्तन करते हुए धारा 76 (1) के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई कर इन परिवारों को यह लाभ असंक्रमणीय अधिकार संहिता के लागू होने की तारीख से प्रदान किया जा रहा है।
 
खन्ना ने बताया कि इन परिवारों को एक एकड़ की अधिकृत सीमा तक जमीन लेने का अधिकार होगा, बशर्ते वह जमीन सीलिंग में ना आती हो और साथ ही साथ खलिहान, चारागाह या तालाब की जमीन ना हो।