Uddhav Thackeray and Raj Thackeray released the manifesto for the BMC elections.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया।
इसमें घरेलू सहायकों और कोली समुदाय की महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, 100 यूनिट मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का वादा किया गया है।
इस घोषणापत्र को ‘शिवसेना भवन’ में जारी किया गया। इस कार्यक्रम के लिए राज ठाकरे अविभाजित शिवसेना से अलग होने के 20 साल बाद पहली बार पार्टी मुख्यालय आए।
शिवसेना (उबाठा) और मनसे के साथ गठबंधन में शरद पवार-नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) भी शामिल है, लेकिन पार्टी का कोई भी वरिष्ठ नेता घोषणापत्र जारी करने के कार्यक्रम की शुरुआत में मंच पर उपस्थित नहीं था।
शिवसेना (उबाठा) और मनसे ने महिला मतदाताओं को लक्षित करते हुए ‘स्वाभिमान निधि’ योजना का वादा किया है, जिसके तहत घरेलू सहायिकाओं और कोली समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह योजना ‘महायुति’ सरकार की मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना की तर्ज पर है, जो 21 से 65 वर्ष की आयुवर्ग की पात्र महिलाओं को इसी प्रकार की राशि प्रदान करती है।
दोनों दलों ने मुंबई की प्रमुख सड़कों पर महिलाओं के लिए अच्छे शौचालयों की व्यवस्था करने का भी वादा किया है।
घोषणापत्र में शिव भोजन थाली की तर्ज पर एक भोजन योजना चलाने का भी वादा किया गया है, जिसके तहत नाश्ता और दोपहर का भोजन 10 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा।
घोषणापत्र में कहा गया है कि मुंबई की जमीन केवल मुंबईवासियों के आवास के लिए इस्तेमाल की जाएगी। दोनों दलों ने बीएमसी, सरकार, बेस्ट के कर्मचारियों और मिल श्रमिकों के लिए किफायती आवास का वादा किया है।
इसमें कहा गया है कि बीएमसी का अपना आवास प्राधिकरण होगा और अगले पांच वर्षों में एक लाख किफायती मकानों का निर्माण किया जाएगा।
दोनों पक्षों ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम के माध्यम से आवासीय उपयोग के लिए 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया है, जिसे पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों तक विस्तारित करने के प्रयास किए जाएंगे।
बेस्ट इस समय आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मुफ्त बिजली शहर के उन निवासियों को दी जाएंगी, जहां यह उपक्रम बिजली सेवाएं प्रदान करता है या पूरे शहर को।
घोषणापत्र में युवाओं को स्वरोजगार के लिए 25,000 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और ‘गिग’ कर्मचारियों के लिए 25,000 रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण का भी वादा किया गया है।
गठबंधन ने 700 वर्ग फुट तक के घरों का संपत्ति कर माफ करने का वादा किया है और कहा है कि पुनर्विकसित इमारतों में प्रत्येक फ्लैट को एक पार्किंग स्लॉट सुनिश्चित करने के लिए नियमों में भी बदलाव किया जाएगा।