UCC weapon of BJP's political agenda, a means of division and polarisation: Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कोई कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि ‘‘विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का एक हथियार’’ तथा समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने का एक साधन है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए गठित राज्य सरकार की समिति से बंबई उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के इस्तीफे और समिति के कामकाज को लेकर उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए कहा कि इससे कई ‘‘बड़े सवाल’’ खड़े होते हैं।
उन्होंने एक बयान में सवाल किया कि क्या संविधान सभा ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें हर राज्य अपनी अलग समान नागरिक संहिता बनाए?
रमेश ने कहा, ‘‘इसका जवाब है: बिल्कुल नहीं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘क्या बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें एक राजनीतिक दल की राजनीतिक चालों और हिसाब-किताब के मुताबिक अलग-अलग समान नागरिक संहिता बनाने के लिए राज्य एक-दूसरे से होड़ करें। इसका जवाब है: बिल्कुल नहीं।’’