BJP की नई टीम में दो मुस्लिम चेहरों को अहम जिम्मेदारी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 18-08-2026
Two Muslim faces given key responsibilities in BJP's new team.
Two Muslim faces given key responsibilities in BJP's new team.

 

नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को पार्टी की बहुप्रतीक्षित नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। करीब 200 दिन पहले पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद नबीन ने 76 पदाधिकारियों वाली नई टीम का गठन किया है। इसमें वरिष्ठ नेताओं के साथ अपेक्षाकृत युवा चेहरों को भी जगह दी गई है।

नई संगठनात्मक टीम में दो प्रमुख मुस्लिम चेहरों को मिली जिम्मेदारी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान आकर्षित किया है। खास बात यह है कि मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कोई मुस्लिम मंत्री नहीं है। ऐसे में पार्टी संगठन में मुस्लिम नेताओं को महत्वपूर्ण पद दिए जाने को भाजपा की अल्पसंख्यक पहुंच और संगठनात्मक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की आधिकारिक सूची

तारिक मंसूर बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पूर्व कुलपति तारिक मंसूर को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंसूर लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में उनकी गिनती होती है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति पार्टी के संगठन में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है। AMU से जुड़े रहने और मुस्लिम समुदाय के बीच उनकी पहचान को देखते हुए उनकी भूमिका भाजपा की अल्पसंख्यक पहुंच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान

भाजपा ने एक अन्य मुस्लिम नेता कुंवर बासित अली को पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। इस पद के जरिए उन्हें अल्पसंख्यक समुदायों के बीच पार्टी के संगठनात्मक संपर्क और पहुंच को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी।

बासित अली की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब चुनावी राजनीति और सरकार में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर भाजपा पर लगातार राजनीतिक बहस होती रही है।

76 पदाधिकारियों की टीम

नई राष्ट्रीय टीम में कुल 76 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने संगठन में अनुभव और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। नई टीम की औसत उम्र करीब 60 वर्ष बताई गई है।

हालांकि, महिला प्रतिनिधित्व के मामले में तस्वीर अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई देती है। 76 पदाधिकारियों में केवल 12 महिलाएं हैं, यानी करीब 15 प्रतिशत। यह संख्या भाजपा की ओर से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की घोषित प्रतिबद्धता से काफी कम है।

चुनावी चुनौतियों से पहले संगठन पर जोर

भाजपा की नई टीम ऐसे समय सामने आई है जब पार्टी के सामने आने वाले चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत करने की चुनौती है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्तियां पार्टी की आगामी संगठनात्मक रणनीति, राजनीतिक अभियान और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच को प्रभावित कर सकती हैं।

विशेष रूप से तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को मिली जिम्मेदारियां भाजपा के मुस्लिम और अल्पसंख्यक समुदायों तक पहुंच बनाने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। अब नई टीम की वास्तविक भूमिका और प्रभाव आने वाले समय में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और चुनावी रणनीति में दिखाई देगा।