सरकार और युवाओं के बीच विश्वास अहम, केंद्र प्राथमिकी नहीं दर्ज करने के आश्वासन को पूरा करे : वांगचुक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-07-2026
 the Cetre must fulfil its assurance of not filing an FIR: Wangchuk
the Cetre must fulfil its assurance of not filing an FIR: Wangchuk

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
जलवायु कार्यकता सोनम वांगचुक ने संसद में ‘लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक’ पेश किए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार होंगे। उन्होंने साथ ही सरकार से अपील की कि वह हाल के विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के अपने लिखित वादे का सम्मान करे।
 
वांगचुक ने लद्दाख जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की।
 
जलवायु कार्यकर्ता ने चिनाब रेल पुल को पार करने सहित दिल्ली-श्रीनगर यात्रा को ‘‘बहुत ही खूबसूरत अनुभव’’ करार दिया।
 
वांगचुक ने कहा,‘‘मुझे भारतीय रेलवे पर बहुत गर्व है।’’ उन्होंने बताया कि लद्दाख जाने से पहले वह और उनकी टीम कश्मीर में एक दिन रुकेगी।
 
परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से हाल में संसद में पेश विधेयक का उल्लेख करते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्हें खुशी है कि संसद में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक विधेयक पेश किया गया है।
 
वांगचुक ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि सुधार केवल परीक्षाओं में ही नहीं, बल्कि शिक्षा में भी होगा।’’
 
वांगचुक ने सरकार से यह भी अपील की कि वह आंदोलन खत्म होने के बाद उनसे और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) से किए गए वादों को पूरा करे।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से अपील करना चाहता हूं कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को लेकर जो समझौते पहले लिखित रूप में मेरे साथ और फिर कॉजपा के साथ हुए थे उनका पालन करें और देश में, खासकर युवा पीढ़ी के बीच, भरोसे का माहौल बनाए।’’
 
वांगचुक ने कहा कि ‘‘महान राष्ट्र और महान भारत’’ के निर्माण के लिए सरकार और युवाओं के बीच आपसी विश्वास जरूरी है।
 
यह अपील कॉजपा की उस बार-बार की जा रही मांग के बीच आई है जिसमें सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि लोक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशव्यापी आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न किया जाए।