आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संसद ने बृहस्पतिवार को उस विधेयक को पारित कर दिया, जिसके प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान या उसका अपमान आपराधिक कृत्य माना जाएगा और इसके लिए तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है।
राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ ही उसी सम्मान के साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को अनिवार्य बनाने वाले ‘राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को लोकसभा ने बृहस्पतिवार को द्रमुक समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी।
इससे पहले उच्च सदन ने बुधवार को विधेयक को मंजूरी प्रदान की थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न साढ़े तीन बजे शुरू हुई तो विपक्षी सांसद पहले की तरह ही नारेबाजी कर रहे थे।
हंगामे के बीच ही विधेयक पर सदन में हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद राष्ट्रगीत को वही सम्मान मिलेगा जो राष्ट्रगान को मिलता है।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ एक भारत-श्रेष्ठ भारत और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है।