Trinamool and BJP are two sides of the same coin; Bengal needs a new coin: Jairam Ramesh
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और पश्चिम बंगाल को एक नए सिक्के की जरूरत है।
उन्होंने 20 साल बाद राज्य में कांग्रेस द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य को एक ‘‘तीसरा रास्ता’’ दिखाई देगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एसआईसीसी) में संचार प्रभारी रमेश ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी के वास्ते आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा पर रवींद्रनाथ टैगोर को ‘बदनाम’करने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को मिटाना चाहती है।
उन्होंने 1962 में अभिनेता विश्वजीत की प्रदर्शित फिल्म ‘बीस साल बाद’ को याद करते हुए कहा कि वह लोगों को बॉलीवुड फिल्म की याद इसलिए दिला रहे हैं क्योंकि ठीक 20 साल बाद कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है।
रमेश ने कहा, ‘‘कांग्रेस बीस साल बाद अपने दम पर चुनाव लड़ रही है, जो पार्टी के लिए एक ‘बूस्टर डोज’ है... 2006 में हमने अकेले चुनाव लड़ा था, 2026 में हम अपने दम पर लड़ रहे हैं। इसलिए जैसा कि कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) ने कहा, यह हमारी पार्टी, कार्यकर्ताओं और जनता के लिए एक ‘बूस्टर डोज’ की तरह है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ रही है और इस तरह वह एक ‘तीसरा रास्ता’ दिखा रही है जो मौजूदा रास्ते से अलग है और वह रास्ता नहीं है जिस पर भाजपा चलती है।
उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर भाजपा और निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधा।
रमेश ने याद दिलाया कि तीन महीने पहले लोकसभा और राज्यसभा में वंदे मातरम् पर एक विशेष बहस हुई थी और आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य बंकिम चंद्र चटर्जी के कंधे पर बंदूक रखकर रवींद्रनाथ टैगोर को निशाना बनाना था।
कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘आपको वंदे मातरम राष्ट्रगान याद होगा। 1937 में, कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में...टैगोर की सलाह पर यह तय किया गया था कि इस गीत को कैसे अपनाया जाएगा।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा टैगोर को ‘बदनाम’ कर रही है और वे जन गण मन को खत्म करना चाहते हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह उनका ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ है।
रमेश ने कहा, ‘‘जैसा कि (मल्लिकार्जुन) खरगे जी ने कहा, भाजपा के ध्रुवीकरण और नफरत के मार्ग से और वर्तमान शासन की कमियों से मुक्ति पाने का तीसरा मार्ग कांग्रेस ने दिखाया है। ये पांच वादे जो किए गए हैं, वे एक नया रास्ता दिखाएंगे।’’
रमेश ने कहा, ‘‘तृणमूल और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, और पश्चिम बंगाल में एक नए सिक्के की जरूरत है। तृणमूल और भाजपा वाले पुराने सिक्के से मुक्ति पाने की जरूरत है।’’