आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा में बृहस्पतिवार को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रश्न पत्र लीक मामलों को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाये गये विधेयक के भविष्य में कारगर होने पर आशंका जताते हुए एक समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर बनाये जाने का सुझाव दिया तथा हाल में हुए छात्र आंदोलन में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई ज्यादतियों की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर उच्च सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार ने इस विधेयक में कड़े प्रावधान किये हैं किंतु उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि फर्क इससे पड़ेगा कि आप परीक्षाएं कैसे कराते हैं और प्रश्न पत्र लीक होने से कैसे रोक पाते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से सवाल किया कि वह इस समय जो काम कर रही है उसने दो साल पहले मूल कानून बनाते समय ही इस काम को क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवाओं के मामले को उठाते हुए इस कानून की खामियों को उजागर किया था।
खरगे ने कहा कि यह विधेयक अभी भी अधूरा है तथा इससे प्रश्न पत्र लीक होने को नहीं रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आजकल जो माहौल चल रहा है, उसे ठंडा करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी सड़कों पर उतरे, उन्हें शांत कराने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
यह अपील कॉजपा की उस बार-बार की जा रही मांग के बीच आई है जिसमें सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि लोक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशव्यापी आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न किया जाए।