आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए यहां गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई सांसदों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया।
टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि उन्हें जबरन मौके से हटा दिया और घसीटकर ले जाया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और इसके प्रमुख के आवास पर छापेमारी किए जाने के एक दिन बाद टीएमसी नेताओं ने यह प्रदर्शन किया।
इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा के साथ पार्टी के अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया।
पुलिस ने कहा कि निषेधाज्ञा और सुरक्षा चिंताओं के चलते गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, इसलिए प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में लिया गया।
तख्तियां लिए और ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए टीएमसी के आठ सांसदों ने कर्तव्य भवन में प्रवेश करने की कोशिश की, जहां गृह मंत्रालय का कार्यालय है।
सांसदों को भवन में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने गेट पर प्रदर्शन किया। बाद में, दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों में पार्टी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और शर्मिला सरकार शामिल थे।
टीएमसी नेताओं ने दिल्ली पुलिस द्वारा सांसदों को प्रदर्शन वाले स्थल से ‘‘जबरन’’ हटाए जाने की तस्वीरें साझा कीं और केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।
पार्टी ने कहा, ‘‘अमित शाह, यह किस तरह का अहंकार है? क्या अब आप लोकतंत्र को कुचलने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों पर हमला करने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या आपके भारत में असहमति को इसी तरह दबाया जाता है?’’
टीएमसी ने कहा, ‘‘माना कि आप घबराए हुए हैं! पहले, ईडी का बेशर्मी से दुरुपयोग। अब, हमारे आठ सांसदों के शांतिपूर्ण धरने पर हमला। यह हताशा आपके डर को उजागर करती है। आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बंगाल डरने वाला नहीं है। आप पर और आपकी पुलिस पर शर्म आती है!’’
मोइत्रा ने संसद मार्ग थाने में पत्रकारों के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार टीएमसी के राजनीतिक सलाहकार पर छापा डलवाकर पार्टी की चुनाव रणनीति को ‘‘चुराने’’ के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रही है।
मोइत्रा ने कहा, “लोकतंत्र में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सरकार ने हमारे राजनीतिक सलाहकार से सूचना और चुनाव रणनीति चुराने के लिए ईडी को अपना एजेंट बनाया हो। वे दावा कर रहे हैं कि सात-दस साल पुराना घोटाला है। इतने दिनों में आप इसकी जांच नहीं कर पाए, अब चुनाव नजदीक आने पर आपको इसकी याद आई है। बंगाल के लोग भाजपा को सबक सिखाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, आपने देखा होगा कि हमें कैसे घसीटकर लाया गया। लेकिन हम दृढ़ हैं। यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, वे हमें यहाँ घसीटकर लाए हैं।’’