कोलंबो
श्रीलंका में हाल ही में आए विनाशकारी चक्रवात ‘दित्वा’ के बाद उत्तर और उत्तर-पश्चिमी रेलवे नेटवर्क की मरम्मत का काम भारत की सहायता से शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना महावा जंक्शन से ओमानथाई तक के चक्रवात से क्षतिग्रस्त रेलवे ट्रैक के पूर्ण जीर्णोद्धार के लिए भारत द्वारा प्रदान किए गए अनुदान का हिस्सा है।
भारत ने इस कार्य के लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर की शुरुआती सहायता प्रदान की है, जो कुल 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है। यह पैकेज विदेश मंत्री एस. जयशंकर की श्रीलंका यात्रा के दौरान घोषित किया गया था। भारत की यह पहल श्रीलंका में राहत, पुनर्निर्माण और संपर्क बहाली के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत की जा रही है, जिसे 28 नवंबर 2025 को शुरू किया गया था।
परिवहन मंत्रालय ने बताया कि मरम्मत कार्य की शुरुआत कोलंबो में आयोजित समारोह के दौरान हुई, जिसमें भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा और श्रीलंका के परिवहन मंत्री बिमल रत्नायका उपस्थित थे। मंत्री रत्नायका ने कहा कि महावा जंक्शन रेलवे नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और भारत की सहायता से यहाँ पांच पुलों का निर्माण और हाथियों के आवागमन के लिए सुरंगों का निर्माण किया जाएगा।
श्रीलंका रेलवे के अनुसार, यह परियोजना पूरी तरह से भारतीय रेलवे द्वारा स्थापित ‘इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड’ के नेतृत्व में कार्यान्वित की जाएगी। पुनर्निर्मित रेलवे लाइन के 14 अप्रैल 2026 तक सिंहली और तमिल नव वर्ष से पहले चालू होने की उम्मीद है।
चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण श्रीलंका में भीषण बाढ़ और भूस्खलन हुए थे, जिनमें 600 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और लाखों लोगों की जान-माल प्रभावित हुआ था। भारतीय सहायता इस आपदा से निपटने और बुनियादी परिवहन नेटवर्क को बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस परियोजना के माध्यम से न केवल रेलवे ट्रैक को बहाल किया जाएगा, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षित और आधुनिक रेल संपर्क सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और लोगों की दैनिक आवाजाही में भी सुधार होगा। अधिकारियों ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच यह सहयोग दोनों देशों के ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा और आपदा प्रबंधन तथा पुनर्निर्माण में सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।