भारत विश्व का एआई सेवा प्रदाता बनने के लिए तैयार: जितिन प्रसाद

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 12-01-2026
India is poised to become the world's AI service provider: Jitin Prasada
India is poised to become the world's AI service provider: Jitin Prasada

 

लखनऊ

भारत अगले महीने ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट की मेजबानी करने जा रहा है और आने वाले समय में देश विश्व का एआई सेवा प्रदाता बन जाएगा, यह बात केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कही।

राज्य मंत्री, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से जुड़े हैं, ने समिट की तुलना ओलंपिक से की और कहा कि यह देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि यह समिट पहली बार किसी विकासशील देश में आयोजित हो रहा है, जबकि इसके पहले केवल दक्षिण कोरिया, फ्रांस और यूके जैसे विकसित देशों को यह अवसर मिला है।

प्रसाद ने कहा, "जैसे कोई देश ओलंपिक की मेजबानी करता है, उसी तरह तकनीकी क्षेत्र में यह इंपैक्ट समिट भारत में आना गर्व की बात है। पूरी दुनिया इस समिट के परिणामों और प्रभावों को देख रही है।" उन्होंने आगे कहा, "जैसे इंटरनेट सेवा प्रदाता होते हैं, भारत आने वाले समय में विश्व का एआई सेवा प्रदाता बनने जा रहा है।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक असंतुलन के बीच भारत एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की स्थिरता और लोगों के समर्थन पर जोर देते हुए कहा कि यह जनता का विश्वास ही बड़ी और दूरगामी नीतियों को लागू करने में मदद करता है।

प्रसाद ने कहा कि अगली बड़ी तकनीकी नवाचार क्रांति, चाहे वह एग्री-टेक हो या हेल्थ-टेक, सिलिकॉन वैली में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी पर, टियर-2 और टियर-3 शहरों एवं छोटे कस्बों में होगी।

समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे, जो 15 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में कई राष्ट्राध्यक्ष और बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे गूगल डीपमाइंड, एंथ्रोपिक, एडोब, सेल्सफोर्स, क्वालकॉम और फेडएक्स के सीईओ शामिल होंगे।

भारत को उम्मीद है कि इस समिट के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वैश्विक मुद्दों पर सहमति बनेगी, विशेष रूप से सर्वसमावेशिता और AI संसाधनों के लोकतंत्रीकरण को लेकर।

यह समिट पिछले आयोजनों जैसे ब्लेचली पार्क, सियोल, पेरिस और किगाली की सफलता पर आधारित है और भारत की एआई नेतृत्व क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।