The court will hear petitions on the problems faced by lawyers amid protests in Delhi.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि लोकतांत्रिक गतिविधियां सुचारू रूप से हों लेकिन उच्चतम न्यायालय के कामकाज या वकीलों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
न्यायालय ने दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच वकीलों को हो रही परेशानियों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई जिसमें उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) की याचिका भी शामिल है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एससीबीए के अध्यक्ष प्रदीप राय की दलीलों पर गौर किया। राय ने प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं को उठाया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलनी चाहिए, लेकिन उच्चतम न्यायालय के कामकाज या वकीलों, अदालत के कर्मचारियों और वादियों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपको यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी लोकतांत्रिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलें, इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन कम से कम उच्चतम न्यायालय का कामकाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। हमने यही कहा है। हम कोई राजनीतिक दल नहीं हैं। यह संस्थान अपने संस्थागत कर्तव्यों का निर्वाह कर रहा है। मैंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है।’’
एक वरिष्ठ वकील ने कहा कि पिछले दो दिनों में उन्हें जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, उसे देखते हुए इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई की जा सकती है।