पिछले दशक में मोदी के नेतृत्व में देश ने सभी क्षेत्रों में लंबी छलांग लगाई: नड्डा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-04-2026
 the country has made a quantum leap in all sectors: Nadda
the country has made a quantum leap in all sectors: Nadda

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ‘विकसित भारत’ की दिशा में अपने सफर में सभी क्षेत्रों में, विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, एक लंबी छलांग लगाई है।

वह यहां सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में बेहतर और अनुकरणीय प्रथाओं तथा नवाचारों पर 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
 
नड्डा ने कहा, ‘‘अगर मुझे इन पहलों के बारे में बात करनी हो, तो मैं निश्चित रूप से विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हमारी स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दूंगा।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के गतिशील नेतृत्व में हमने पिछले दशक में एक लंबी छलांग लगाई है और कई नयी पहल शुरू की हैं।’’
 
नड्डा ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण नीति वह है जिसका वह प्राय: उल्लेख करते हैं, वह है 2017 की व्यापक स्वास्थ्य नीति।
 
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम 1997-98 में शुरू की गई स्वास्थ्य नीति की बात करें, तो वह एक उपचारात्मक स्वास्थ्य नीति थी, जो लंबे समय से लागू थी। इसका मुख्य ध्यान उपचारात्मक पहलू पर था।’’
 
नड्डा ने कहा, ‘‘लेकिन 2017 में, जब हमने एक नयी नीति जारी की तो वह एक व्यापक, समग्र और समावेशी नीति थी।’’
 
उन्होंने कहा कि इसमें रोकथाम, प्रोत्साहन, उपचारात्मक, पुनर्वास और वृद्धावस्था संबंधी पहलू शामिल हैं।
 
इस अवसर पर, नड्डा ने स्वस्थ भारत और जननी पोर्टल, सर्वोत्तम प्रथाओं पर सार-संग्रह, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीम के लिए एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके-2.0) की शुरुआत की।
 
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों) के बारे में नड्डा ने कहा कि लगभग 1.85 लाख ऐसे केंद्र स्थापित किए गए हैं जो 1.40 अरब लोगों को जोड़ने वाले पहले संपर्क बिंदु हैं।
 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रोकथाम के पहलू को ध्यान में रखना है। चाहे वह उच्च रक्तचाप हो, मधुमेह हो, मुंह का कैंसर हो, स्तन कैंसर हो या गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर हो, हमने इन सभी बीमारियों के लिए 30 वर्ष की आयु में जांच अनिवार्य कर दी है।’’