कांग्रेस ने भारत-यूएस ट्रेड डील के बारे में उठाए सवाल

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 03-02-2026
The Congress party has raised questions about the India-US trade deal.
The Congress party has raised questions about the India-US trade deal.

 

नई दिल्ली

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) के बारे में सरकार से पूरा और स्पष्ट विवरण जारी करने की मांग करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र, टैरिफ में ‘जीरो’ कमी और रूसी तेल खरीद पर लगी शर्तों पर चिंता जताई है, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी।

कांग्रेस ने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि व्यापार समझौते की घोषणा का तरीका भी सही नहीं था क्योंकि इसे भारत सरकार द्वारा नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किया गया। विपक्ष ने पूछा कि क्या भारत ने वास्तव में अपनी बाजार को अमेरिका के लिए पूरी तरह खोलने पर सहमति दी है, जिससे भारतीय उद्योग, व्यापारी और किसानों (farmers) पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

पार्टी ने कहा कि ट्रंप के बयान के अनुसार भारत अमेरिका के खिलाफ़ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को “शून्य” तक घटाने की योजना बना रहा है, जबकि यह स्पष्ट नहीं है कि इससे किसानों की सुरक्षा और हितों की रक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। कांग्रेस ने पूछा कि यदि कृषि क्षेत्र खोलने की बात सच है, तो किसान किस प्रकार से लाभान्वित होंगे और उनकी जैव-सुरक्षा कैसे सुरक्षित रहेगी।

इसके अलावा, कांग्रेस ने ट्रंप द्वारा कहा गया यह दावा भी चुनौती दी कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने और इसके स्थान पर अमेरिका व वेनेजुएला से अधिक खरीदने पर सहमति जताई है। पार्टी ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने वास्तव में इस शर्त को स्वीकार किया है और उसका देश की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि समझौते की घोषणा भारत सरकार की ओर से क्यों नहीं की गई और क्या राष्ट्रीय हितों के निर्णय की जानकारी अमेरिका के माध्यम से देने का कोई औचित्य है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ऐसे बड़े समझौतों की घोषणा भारत की संसद और जनता को पहले से की जानी चाहिए थी, न कि किसी विदेशी राजनेता के बयान से।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि भारत को अपने सरकारी निर्णयों और समझौतों की पूर्ण जानकारी देने का अधिकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को संसद तथा देश को विश्वास में लेकर सभी ट्रेड डील से सम्बंधित दस्तावेज़ व विवरण साझा करना चाहिए।

अब पूरे देश में यह बहस छिड़ चुकी है कि इस समझौते से किसानों, उद्योगों और भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, और सरकार को इसे लेकर पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए।