मदरसा तजवीदुल कुरान में 77 वां स्वतंत्रता दिवसः उमैर अहमद इलियासी बोले- हमें नाई शेर खान के योगदान को भी याद रखना चाहिए !

Story by  मोहम्मद अकरम | Published by  [email protected] | Date 16-08-2023
Maulana giving 77th Independence Day speech at Madrasa Tajweedul Quran
Maulana giving 77th Independence Day speech at Madrasa Tajweedul Quran

 

मोहम्मद अकरम / नई दिल्ली

स्वतंत्रता दिवस पर हम मशहूर लोगों को याद रखते हैं जो अच्छी बात है. इसके साथ ही हमें शेर खान के योगदान को भी नहीं भूलना चाहिए. वह नाई थे. उन्होंने देश में हो रही अंग्रेज के जुल्म को देख कर इरादा किया और अंग्रेज ऑफिसर को मार गिराया. इसके बाद अंग्रेज ने उन्हें वह सजा दी जिसे सिर्फ कानों से सुना जा सकता है. इसके बावजूद वह अपनी जुबां पर इंकलाब जिंदाबाद की सदा लगाते रहे. 

यह कहना है ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख मौलाना उमैर अहमद इलियासी का. वह दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित मदरसा तजवीदुल कुरान में 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर  ने छात्रों को संबोधित कर रहे थे. 
 
उन्हांेने कहा, जंग ए आजादी के दौरान काला पानी पानी की सजा मशहूर है. तब जो भी देश की आजादी के लिए आवाज उठाता उन्हें वहां भेज दिया जाता था. वहां जाने वाले का दोबारा जिंदा लौटना लगभग नामुमकिन था. वहां आजादी के दिवानों को जो सजा दी जाती थी, वह कल्पना से परे है. फिर भी हमारे देश के नवजवानों ने अपनी जुबान से इंकलाब जिंदाबाद की सदा निकालना नहीं छोड़ा. उसमें हिन्दू, मुसलमान, सिख,ईसाई सभी शामिल थे.देश की आजादी में सभी का योगदान है. 
 
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उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी में महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, भगत सिंह, अशफाक उल्ला, राम प्रसाद बिस्मिल समेत करोड़ों लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाई और देश को आजाद कराया. 
 
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी शेर खान को याद करते हुए कहा कि हम मशहूर लोगों को याद रखते हैं जो अच्छी बात है. इसके साथ ही शेर खान के योगदान को भी याद रखने की जरूरत है. वह नाई थे. उन्होंने देश में हो रही अंग्रेज के जुल्म को देख कर इरादा किया और अंग्रेज ऑफिसर मार गिराया.
 
इसके बाद अंग्रेज ने उन्हें वह सजा दी जिसे सिर्फ कानों से सुना जा सकता है फिर भी वह अपनी जुबां पर इंकलाब जिंदाबाद की सदा लगाते रहे. उन्होंने आगे कहा कि ये जश्न ए आजादी नहीं, बल्कि अमृत काल है. आज का भारत नवीन भारत है. हम सब को मिलकर भारतीयता को मजबूत करना है.
 
आज का यही पैगाम है. आने वाले वक्त में दिल्ली में जी20 की बैठक हो रही है, जो देश के भविष्य के लिए बहुत अच्छा है. बहुत कामयाब होगा.उन्होंने इस मौके पर जोर देते हुए कहा कि यह वहीं मदरसा है जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आए थे. वह अपनी पूरी जिंदगी में किसी दूसरे मदरसे में नहीं गए, यहां भागवत के आने के बाद मदरसा के ताल्लुक से नजरिया बदला है.
 
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नया भारत मदरसे में है

आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक सोम दत्त ने कहा कि नए भारत का भविष्य मदरसे में है. यहां बच्चे पढ़ रहे हैं तो इससे भारत का निर्माण होगा.मदरसा के संचालक मौलाना महमूद अल हसन ने लोगों का शुक्रिया अदा किया.
 
वहीं प्रोग्राम का संचालन मुफ्ती अफरोज आलम कासमी ने किया. मौके पर अनीत मोहाने, मासूम मोहाने, चैतन्या ठाकुर समेत बड़ी संख्या लोग मौजूद थे. मदरसे के बच्चों ने देश की आजादी पर आधारित कई भाषा में भाषण दिए.


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