होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान में बढ़ी तनातनी, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराया संकट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
Tensions escalate between the US and Iran over the Strait of Hormuz
Tensions escalate between the US and Iran over the Strait of Hormuz

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पश्चिम एशिया में सप्ताहांत में हुए हमलों के बाद सोमवार को अमेरिका और ईरान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण है। इस घटनाक्रम ने युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
 
तनाव उस समय और बढ़ गया जब रविवार को ईरान ने ओमान के तट के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया। इस हमले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वैश्विक स्तर पर कभी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के लगभग पांचवें हिस्से की आवाजाही वाले इस समुद्री मार्ग का मुद्दा ही दोनों देशों के बीच वार्ता का सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
 
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ही फारस की खाड़ी के इस संकरे समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है। ईरान ने व्यावसायिक जहाजों पर हमले कर और जहाजरानी कंपनियों को डराकर इस मार्ग पर अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश की है।
 
ईरान और अमेरिका के बीच हुए 60 दिन के अंतरिम समझौते की अवधि लगभग आधी पूरी हो चुकी है। इस समझौते का उद्देश्य युद्ध के स्थायी समाधान के लिए वार्ता शुरू करना था, लेकिन इसके बजाय होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके भविष्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं। इससे विश्व नेताओं में आशंका बढ़ गई है कि ईरान युद्ध फिर से पूरी तरह भड़क सकता है।
 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने एक बयान में कहा, ‘‘यदि व्यापक स्तर पर फिर से युद्ध शुरू होता है, तो इसके परिणाम विनाशकारी होंगे।’’
 
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि सोमवार को किए गए हमलों में उसकी सेना ने दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें वायु रक्षा प्रणालियां, रडार केंद्र, मिसाइल और ड्रोन संबंधी उपकरण तथा छोटी नौकाएं शामिल थीं।
 
सेंटकॉम ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस पर ईरान का नियंत्रण नहीं है।’’
 
ईरान की शक्तिशाली अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता पर इसी बल का नियंत्रण है।
 
गार्ड ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य हमारा क्षेत्र है और हम दुनिया के दूसरे छोर से आई एक बेलगाम तथा बच्चों की हत्यारी सेना को इसमें अपना अवैध हस्तक्षेप जारी रखने की अनुमति नहीं देंगे।’’