Teachers of sports colleges are not government employees, cannot appeal to service tribunal: High Court
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज सोसाइटी द्वारा संचालित खेल कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और वे वेतन निर्धारण तथा पेंशन से जुड़े विवादों को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण अधिनियम, 1976 के तहत राज्य लोक सेवा अधिकरण का रुख नहीं कर सकते।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे शिक्षक अपनी शिकायतों के निवारण के लिए उपयुक्त कानूनी मंच पर जा सकते हैं।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने लखनऊ के गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य की याचिका स्वीकार करते हुए यह व्यवस्था दी।
अदालत ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण के चार सितंबर 2025 के आदेश को भी निरस्त कर दिया और शिक्षक हरवीर सिंह की याचिका पर शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया।
सिंह को 1994 में सहायक शिक्षक (फुटबॉल) के पद पर नियुक्त किया गया था। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पुनर्गठन के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में ही रहने का विकल्प चुना और अगस्त 2001 में लखनऊ के खेल कॉलेज में कार्यभार संभाला और वह 30 अप्रैल 2023 को सेवानिवृत्त हुए।