आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कच्चे तेल के ऊंचे स्तर, कमजोर वैश्विक रुख और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजार बृहस्पतिवार को गिरकर बंद हुए। सेंसेक्स में करीब 583 अंक की कमजोरी रही जबकि निफ्टी 180 अंक टूट गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75 प्रतिशत टूटकर 76,913.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,237.5 अंक तक लुढ़क गया था लेकिन बाद में कुछ संभल गया।
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 180.10 अंक यानी 0.74 प्रतिशत गिरकर 23,997.55 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, सन फार्मा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.52 प्रतिशत गिरकर 116.2 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,468.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक एवं शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. ने कहा, "शुरुआत में घबराहट भरी बिकवाली के बाद बाजार में सुधार देखने को मिला। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।"
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग एक प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
यूरोपीय बाजार मिलेजुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है और इससे वैश्विक बाजारों पर दबाव पड़ा है।"
नायर ने कहा कि घरेलू स्तर पर वाहन, बैंक, धातु और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट रही, जबकि आईटी और दवा कंपनियों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।