ST Investigation Committee officer arrested for taking Rs 2.5 lakh bribe in Thane
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति की एक महिला अधिकारी को एक व्यक्ति से उसके परिवार के सदस्यों के दस्तावेजों को मंजूर करने के बदले 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि एसीबी ने शुक्रवार को ठाणे के चराई इलाके स्थित कार्यालय में समिति के कोंकण प्रभाग की उपनिदेशक (अनुसंधान) मीनाक्षी एन. उन्हाले (46) को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति (एसटीसीएससी), अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता का सत्यापन करती है।
पुलिस उपाधीक्षक (रायगढ़-अलीबाग, एसीबी) सरिता भोसले ने बताया कि उन्हाले ने शिकायतकर्ता से उसकी पत्नी और बेटी की जाति सत्यापन संबंधी दस्तावेजों को मंजूरी देने के लिए कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
अधिकारी ने बताया कि एसीबी ने शुक्रवार को ठाणे के चराई इलाके स्थित कार्यालय में समिति के कोंकण प्रभाग की उपनिदेशक (अनुसंधान) मीनाक्षी एन. उन्हाले (46) को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति (एसटीसीएससी), अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता का सत्यापन करती है।
पुलिस उपाधीक्षक (रायगढ़-अलीबाग, एसीबी) सरिता भोसले ने बताया कि उन्हाले ने शिकायतकर्ता से उसकी पत्नी और बेटी की जाति सत्यापन संबंधी दस्तावेजों को मंजूरी देने के लिए कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।