Shammi Narang's grandson was startled to hear 'Dadu's' voice, he rode the Delhi Metro for the first time.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वर्ष 2002 में दिल्ली मेट्रो की शुरुआत से ही यात्रियों को स्टेशनों की जानकारी देने वाली आवाज हाल ही में एक ऐसे श्रोता तक पहुंची, जिसके लिए यह अनुभव बेहद खास था। मेट्रो में अपनी पहली यात्रा कर रहे उद्घोषक शम्मी नारंग के पोते ने जब ट्रेन में दादा की वही जानी-पहचानी आवाज सुनी तो उसके लिए यह सफर यादगार अनुभव बन गया।
दिल्ली मेट्रो में उद्घोषणाओं के लिए अपनी आवाज देने वाले ‘वॉयस आर्टिस्ट’ शम्मी नारंग ने परिवार से जुड़े इस खास पल को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें बेहद गर्व होता है कि उनकी आवाज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सफर करती रहेगी।
नारंग ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हो सकता है कि मैं हमेशा इन मेट्रो ट्रेनों में सफर न कर पाऊं... लेकिन मुझे यह सोचकर बेहद गर्व होता है कि मेरी आवाज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सफर करती रहेगी।”
उन्होंने कहा कि वह अपने पोते को पहली बार मेट्रो की सवारी कराने ले गए थे और ट्रेन के भीतर जब उसने अपने दादा की जानी-पहचानी आवाज सुनी, तो वह “हैरान भी था और कुछ हद तक अचंभित भी।”