आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के कन्नूर की एक अदालत ने 2008 में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक पूर्व कार्यकर्ता की कथित हत्या से जुड़े मामले में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के सात कार्यकर्ताओं को सोमवार को बरी कर दिया।
थलासेरी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फिलिप थॉमस ने 23 जुलाई 2008 को हुसानमोटा में माकपा के पूर्व कार्यकर्ता यू के सलीम की हत्या से जुड़े मामले में आरोपियों को बरी किया।
बरी हुए व्यक्तियों में सी.के. लतीफ, के.सी लतीफ, पी.पी. अब्दुल्ला, जाकिर हुसैन, पी. नाजिर, टी.पी. मोहम्मद हिसान और सबील पी.सी. शामिल हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, माकपा का एक पोस्टर हटाने को लेकर झड़प के बाद सलीम पर हमला किया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले साल सलीम के पिता ने संदेह जताते हुए कहा था कि आशंका है कि माकपा कार्यकर्ताओं ने उनके बेटे की हत्या की। उन्होंने अदालत में भी यही बयान दिया था।