आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने 12 जून, 2025 को एअर इंडिया विमान दुर्घटना के मामले में बुधवार को केंद्र से अब तक अपनाए गए ‘‘प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल’’ पर संक्षिप्त रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
अदालत ने यह निर्देश तब दिया जब उसे सूचित किया गया कि हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच बोर्ड (एएआईबी) द्वारा अंतिम चरण में है।
लंदन जा रही एअर इंडिया की बोइंग 787-8 उड़ान एआई171 गुजरात के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्यों समेत कुल 260 लोग मारे गए। दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी मौत हो गई थी।
बुधवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि एएआईबी जांच अंतिम चरण में है और कुछ जांच विदेश में किए जाने की जरूरत है। मेहता केंद्र और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की तरफ से अदालत में पेश हुए।
शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा कि मामले पर तीन संबंधित याचिकाओं को व्यापक सुनवाई के लिए तीन सप्ताह के बाद सूचीबद्ध किया जा सकता है।
पीठ का शुरू में विचार था कि एएआईबी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में उसके समक्ष प्रस्तुत की जाए। मेहता ने न्यायाधीशों को आश्वासन दिया कि जांच का विवरण उनके साथ साझा किया जाएगा।
पीठ ने कहा कि एएआईबी की भूमिका दुर्घटना का कारण तय करना है, न कि किसी उद्देश्य का अनुमान लगाना।