नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ऑल इंडिया रिप्रेजेंटेटिव असेंबली इस साल 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में पट्टी कल्याणा के ग्राम विकास और सेवा साधना केंद्र में होगी।
एक बयान के मुताबिक, संघ की सबसे बड़ी डिसीजन मेकिंग बॉडी द्वारा बुलाई गई यह मीटिंग युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, चैत्र कृष्ण दशमी और एकादशी को होगी।
रिलीज़ के मुताबिक, इस साल की असेंबली का खास महत्व है क्योंकि यह RSS के सौ साल पूरे होने के मौके पर हो रही है। मीटिंग में 100 साल पूरे होने के मौके पर ऑर्गनाइज़ किए गए अलग-अलग प्रोग्राम और कैंपेन के अनुभवों और रिपोर्ट पर चर्चा होगी। इनमें विजयादशमी सेलिब्रेशन, घर-घर जाकर लोगों तक पहुंचने की कोशिश, हिंदू कॉन्फ्रेंस, यूथ गैदरिंग, बड़ी सिटिज़न मीटिंग और देश भर में होने वाले सोशल हारमनी इवेंट शामिल हैं।
रिप्रेजेंटेटिव असेंबली 2025-26 के दौरान संघ की एक्टिविटीज़ का रिव्यू भी करेगी और अलग-अलग प्रांतों में किए गए खास कामों को पेश करेगी। चर्चा मौजूदा नेशनल माहौल पर फोकस रहने की उम्मीद है, जिसमें खास मुद्दों पर प्रस्ताव पास होने की संभावना है।
प्रेस रिलीज़ में आगे कहा गया है कि संघ की ब्रांचों द्वारा चलाए जा रहे सोशल ट्रांसफॉर्मेशन इनिशिएटिव्स, खासकर 'पंच परिवर्तन' (पांच-पॉइंट ट्रांसफॉर्मेशन) कैंपेन पर खास फोकस किया जाएगा। संघ शिक्षा वर्ग और कार्यकर्ता विकास वर्ग समेत दूसरे ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के प्लान पर चर्चा की जाएगी, और आने वाले साल के लिए ऑर्गेनाइजेशनल रोडमैप को फाइनल किया जाएगा।
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, को-सरकार्यवाह, एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य और दूसरे सीनियर पदाधिकारी मीटिंग में शामिल होंगे।
चुने हुए प्रतिनिधियों और खास राज्य और क्षेत्रीय पदाधिकारियों समेत कुल 1,489 कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। रिलीज़ में आगे कहा गया है कि संघ से जुड़े 32 ऑर्गेनाइजेशन्स के नेशनल प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और ऑर्गेनाइजेशन मिनिस्टर भी मौजूद रहेंगे।
इस बीच, RSS के जनरल सेक्रेटरी दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को ज़ोर देकर कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी भारत के पास दुनिया भर में सम्मान पाने का एक "सुनहरा मौका" है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज "हिंदू भावना" में एकजुट रहेगा, दुनिया की कोई भी ताकत देश को खत्म नहीं कर सकती। हिंदू धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा में पूर्वजों के बलिदान को बताते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से चुनौतियों के बावजूद भारत टेक्नोलॉजी, साइंस और आर्थिक विकास में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।