आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बने रहने और घरेलू ईंधन कीमतों में समय पर वृद्धि नहीं होने की स्थिति में भारत की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। इससे उनकी कमाई और नकदी प्रवाह भी प्रभावित होगा। फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को यह अनुमान जताया।
रेटिंग एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि कच्चे तेल की ऊंची लागत के अनुरूप पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं होने पर तेल कंपनियों की कर-पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) तेजी से घट सकती है।
इसके अलावा बड़े स्तर पर भंडारण और अधिक रिफाइनिंग मात्रा के कारण कार्यशील पूंजी की जरूरत भी बढ़ेगी, जिससे मुक्त नकदी प्रवाह पर दबाव आएगा।
फिच रेटिंग्स ने कहा कि कच्चे तेल में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय लंबे समय तक ऊंची कीमतें बने रहना एक बड़ा जोखिम है।