पांच राजमार्गों को बाजार में चढ़ाने को आरआईआईटी के 9,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-02-2026
REIT's Rs 9,500 crore proposal accepted for monetising five highways
REIT's Rs 9,500 crore proposal accepted for monetising five highways

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सोमवार को कहा कि उसने 260 किलोमीटर लंबे पांच राजमार्ग खंडों की परिसंपत्तियों को बाजार में चढ़ाने (मौद्रीकरण) के लिए ‘राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ (आरआईआईटी) के 9,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
 
एनएचएआई ने बयान में बताया कि बाजार में चढ़ाई गयी ये परिसंपत्तियां चार राज्यों में फैली हुई हैं।
 
बयान के अनुसार, ‘‘एनएचएआई ने चार राज्यों में 260 किलोमीटर से अधिक लंबे पांच खंडों के परिसंपत्ति मौद्रीकरण के लिए राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के 9,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।"
 
इन संपत्तियों में झारखंड का 80.52 किलोमीटर लंबा गोरहर-बरवा अड्डा खंड, आंध्र प्रदेश का 69.4 किलोमीटर लंबा चिलकलूरीपेट-विजयवाड़ा खंड, तमिलनाडु का 32.6 किलोमीटर लंबा चेन्नई बाइपास और 33 किलोमीटर लंबा चेन्नई-टाडा खंड तथा कर्नाटक में 44.6 किलोमीटर लंबा नीलमंगला-तुमकुर खंड शामिल है।
 
एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा, ‘‘इस सार्वजनिक इनविट के माध्यम से, खुदरा निवेशकों को न केवल चालू राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों से स्थिर और आकर्षक रिटर्न अर्जित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय अवसंरचना के विकास में योगदान देने के लिए स्वामित्व और गर्व की भावना भी विकसित होगी।’’
 
एनएचएआई के अनुसार, सार्वजनिक इनविट के माध्यम से मौद्रीकरण भारत सरकार की ‘राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन’ (एनएमपी) के लक्ष्यों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य परिचालन में मौजूद बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की पूंजी का लाभ उठाना और बुनियादी ढांचा प्रबंधन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना है।’’