आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत और यूनान ने सोमवार को रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जो साझेदारी को बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय रोडमैप विकसित करने की दिशा में एक प्रारंभिक कदम है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हेलेनिक गणराज्य के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के बीच यहां मानेकशॉ सेंटर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह समझौता हुआ।
बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राजनाथ सिंह ने यूनान की उस घोषणा का भी स्वागत किया, जिसमें कहा गया है कि दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए यूनान का एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी गुरुग्राम स्थित ‘इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन’ (आईएफसी-आईओआर) में तैनात किया जाएगा।
सिंह ने कहा, “आज नयी दिल्ली में हेलेनिक गणराज्य के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास से मिलकर खुशी हुई। भारत और यूनान ने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए और वर्ष 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया।”
उन्होंने लिखा, “मैं यूनान के एक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी को गुरुग्राम में स्थित ‘इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन’ (आईएफसी-आईओआर) में तैनात करने की घोषणा का स्वागत करता हूं, जिससे दोनों राष्ट्रों के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।”
बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने दोहराया कि भारत-यूनान रणनीतिक साझेदारी “शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता व आपसी सम्मान के साझा मूल्यों” पर आधारित है।