आरबीआई ने बैंक निदेशक मंडल के समय के ‘सदुपयोग’ के लिए नियमों में संशोधन का रखा प्रस्ताव

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-04-2026
RBI proposes amendments to rules for 'optimal utilisation' of bank board time
RBI proposes amendments to rules for 'optimal utilisation' of bank board time

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैंकों के निदेशक मंडल के समय का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन और उन्हें तर्कसंगत बनाने का बुधवार को प्रस्ताव रखा। इस संबंध में मसौदा निर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।
 
बैंकों के निदेशक मंडल के समक्ष रखे जाने वाले विषय और उनकी आवृत्ति का निर्धारण वर्तमान में स्वयं निदेशक मंडल करते हैं जो आरबीआई द्वारा निर्धारित सात व्यापक विषयों के आधार पर होता है।
 
साथ ही आरबीआई ने कुछ नीतियों एवं विषयों को स्वीकृति, समीक्षा या जानकारी के लिए निदेशक मंडल के समक्ष रखना अनिवार्य किया हुआ है।
 
आरबीआई ने विकासात्मक एवं नियामकीय नीतियों पर बयान में कहा, ‘‘ निदेशक मंडल को अपने समय का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में सक्षम बनाने और रणनीति एवं जोखिम प्रबंधन पर अधिक केंद्रित तथा गुणात्मक जुड़ाव को सुगम बनाने के प्रयास में, भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसे सभी निर्देशों की व्यापक समीक्षा और युक्तिकरण किया है। इस संबंध में निर्देशों के मसौदे को शीघ्र ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा।’’
 
यह घोषणा एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के हाल ही में नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा देने के कुछ सप्ताह बाद आई है।
 
चक्रवर्ती ने 17 मार्च को अपने इस्तीफे में कहा था, ‘‘ पिछले दो वर्ष में बैंक के भीतर कुछ घटनाएं एवं प्रक्रियाएं ऐसी थीं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे इस निर्णय का आधार है।’’
 
यह पहला अवसर था जब एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ दिया, जिससे बैंक के कामकाज को लेकर सवाल उठे।