अयोध्या (उत्तर प्रदेश)
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करने और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचीं। उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में राम लला की मूर्ति के सामने आरती करने के साथ-साथ 'राम यंत्र' की स्थापना भी की। राम मंदिर में विशेष धार्मिक समारोहों का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों और संतों के शामिल होने की उम्मीद है।
राम मंदिर निर्माण से जुड़े कई श्रमिकों, विक्रेताओं और कारीगरों को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इस अवसर के लिए पूरे शहर को सजाया गया है। मुख्य सड़कों, चौराहों और राम मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर राष्ट्रपति, नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं।
सड़कों को भगवा झंडों और सजावटी पताकाओं से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में एक धार्मिक और उत्सव जैसा माहौल बन गया है। प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन को लेकर भी विशेष इंतजाम किए हैं। राम जन्मभूमि मंदिर के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस दौरे के बारे में कहा, "पूरे उत्तर प्रदेश से लगभग छह हज़ार लोगों को आमंत्रित किया गया है। राम मंदिर से जुड़े कई श्रमिकों, विक्रेताओं और कारीगरों को भी बुलाया गया है। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। राष्ट्रपति 'श्री राम यंत्र' की स्थापना करेंगी। इसके बाद वह आरती करेंगी।"
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति मंदिर का दौरा करेंगी और 'राम यंत्र' की स्थापना करेंगी। इसके बाद एक मंच कार्यक्रम होगा, और वह मंदिर परिसर में बने सात अन्य मंदिरों के दर्शन भी करेंगी। यह क्षण हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज राम लला मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न हो रहा है। अब यह मंदिर न केवल पूरे भारत की जनता के लिए, बल्कि देश-विदेश में रहने वाले भगवान राम के सभी भक्तों के लिए पूरी तरह से खुला रहेगा।"