Preliminary investigation into Keonjhar skeleton case indicates 'bank's fault': Official
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा उसका कंकाल बैंक में ले जाकर उसकी मौत का प्रमाण पेश करने से जुड़े मामले की राज्य सरकार की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बैंक कर्मचारियों ने ‘व्यक्ति के साथ सहयोग नहीं किया’। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
ओडिशा सरकार ने बृहस्पतिवार को इस मामले की जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था जिसमें 50 वर्षीय जीतू मुंडा कंकाल को अपने कंधे पर रखकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा में ले जाते हुए दिखा था।
वीडियो वायरल होने से हंगामा मच गया जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त (आरडीसी) को इस घटना की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।
उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त संग्राम केशरी महापात्रा, क्योंझर जिले के आयुक्त विशाल सिंह और अन्य अधिकारी बृहस्पतिवार को जांच के सिलसिले में ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि महापात्रा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए बैंक अधिकारियों से पूछताछ की।
महापात्रा ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ‘‘बैंक की गलती थी’’, और इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ओडिशा सरकार ने बृहस्पतिवार को इस मामले की जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था जिसमें 50 वर्षीय जीतू मुंडा कंकाल को अपने कंधे पर रखकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा में ले जाते हुए दिखा था।
वीडियो वायरल होने से हंगामा मच गया जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त (आरडीसी) को इस घटना की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।
उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त संग्राम केशरी महापात्रा, क्योंझर जिले के आयुक्त विशाल सिंह और अन्य अधिकारी बृहस्पतिवार को जांच के सिलसिले में ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि महापात्रा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए बैंक अधिकारियों से पूछताछ की।
महापात्रा ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ‘‘बैंक की गलती थी’’, और इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।