आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि डाक विभाग का लक्ष्य इस वर्ष अपनी अतिरिक्त (इन्क्रिमेंटल) राजस्व वृद्धि को दोगुना कर 4,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का है। इसे नवाचार, जवाबदेही, प्रोत्साहन एवं विभिन्न खंडों में तय लक्ष्यों की प्राप्ति से हासिल करने की योजना है।
डाक विभाग (डीओपी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2,100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो पिछले चार दशकों में सबसे अधिक वृद्धि मानी जा रही है। विभाग का कुल राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 के 13,218 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 15,296 करोड़ रुपये हो गया।
मंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘ पिछले वित्त वर्ष में हमने 2,100 करोड़ रुपये की राजस्व वृद्धि हासिल की जो विभाग की औसत वृद्धि से 10 गुना अधिक है। इस वर्ष हमारा लक्ष्य इसे 4,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है। हर खंड के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। अगले तीन से चार वर्ष में डाकघरों को लागत केंद्र से लाभ केंद्र में बदलना हमारा लक्ष्य है।’’
उन्होंने बताया कि डाक विभाग का राजस्व 2016 के 11,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 13,200 करोड़ रुपये हो गया।
पेम्मासानी ने कहा कि सरकार लोगों के हित में भारतीय डाक सेवाओं का विस्तार करने और नवाचार के जरिये उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।