आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को शहर की पुलिस को भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) की उस याचिका पर जवाब देने के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई है।
मामले की सुनवाई शुरू होते ही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने न्यायमूर्ति अमित महाजन को बताया कि वह इस मुद्दे पर निर्देश लेकर मंगलवार को अदालत को सूचित करेंगे।
एएसजी के बयान पर गौर करते हुए अदालत ने मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि याचिका चार दिन पहले दाखिल की गई थी और पुलिस के वकील अब तक इस संबंध में निर्देश ले सकते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि मामले की सुनवाई सोमवार को ही की जाए।
भारतीय युवा कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से दिल्ली पुलिस के इनकार करने को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया है।
युवा कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के माध्यम से दिल्ली पुलिस के एक अक्टूबर के पत्र को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है।